IPO में निवेश आज के समय में हर समझदार निवेशक की पहली पसंद बन चुका है। जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर जनता को बेचती है, तो उसे Initial Public Offering (IPO) कहा जाता है। यह मौका न सिर्फ आपको किसी तेजी से बढ़ती कंपनी का शुरुआती हिस्सा बनने का देता है, बल्कि सही रणनीति अपनाने पर अच्छा listing gain और long‑term return भी दे सकता है।
1. IPO क्या है – परिभाषा और प्रक्रिया
IPO का अर्थ है Initial Public Offering – जब कोई निजी कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता को बेचती है। यह कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का तरीका है और निवेशकों के लिए एक नई कंपनी में निवेश करने का अवसर।
सरल भाषा में समझें: मान लीजिए आपकी पारिवारिक दुकान इतनी बड़ी हो गई कि आप एक बिल्डिंग खरीदना चाहते हैं लेकिन आपके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं। इसलिए आप अपनी कंपनी के 20% हिस्से 10,000 लोगों को बेच देते हैं। यह IPO है।
IPO की प्रक्रिया कैसे काम करती है?
- SEBI को आवेदन: कंपनी भारतीय प्रतिभूति बोर्ड (SEBI) को एक विस्तृत दस्तावेज़ (DRHP – Draft Red Herring Prospectus) जमा करती है
- SEBI की मंजूरी: नियामक कंपनी की वित्तीय और कानूनी पारदर्शिता जांचता है
- Red Herring Prospectus जारी: मंजूरी मिलने के बाद RHP प्रकाशित होता है
- प्राइस बैंड तय करना: निवेशकों के बिड के आधार पर शेयर की कीमत तय होती है
- सबस्क्रिप्शन अवधि: निवेशक 3-5 दिन तक बिड लगा सकते हैं
- अलॉटमेंट: सभी बिड के आधार पर शेयर वितरित किए जाते हैं
- लिस्टिंग: T+3 दिन में शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होते हैं
2. IPO क्यों करते हैं – निवेशकों और कंपनियों के लिए लाभ
कंपनियों के लिए IPO के लाभ:
- बड़ी पूंजी जुटाना: कंपनी बड़े पैमाने पर पैसा जमा कर सकती है
- ब्रांड वैल्यू बढ़ना: सार्वजनिक कंपनी होने से विश्वसनीयता बढ़ती है
- कर्मचारियों को प्रेरणा: ESOPs (कर्मचारी शेयर योजना) के माध्यम से कर्मचारी भी मालिक बन सकते हैं
- अधिग्रहण में आसानी: दूसरी कंपनियों को खरीदना आसान हो जाता है
निवेशकों के लिए IPO के लाभ:
- लागत का लाभ: कई बार IPO के शेयर कम कीमत पर मिलते हैं
- लिस्टिंग गेन: पहले दिन अक्सर शेयर की कीमत बढ़ जाती है (FY24 में औसतन 29% बढ़ोतरी)
- दीर्घकालीन वृद्धि: अच्छी कंपनियों में लंबे समय के लिए निवेश
- नई कंपनियों में प्रवेश: शुरुआती चरण से ही किसी बड़ी कंपनी में हिस्सेदारी
3. IPO के प्रकार – आपके निवेश के विकल्प
Mainboard IPO vs SME IPO की तुलना
| विशेषता | Mainboard IPO | SME IPO |
|---|---|---|
| पोस्ट-इश्यू पूंजी | ₹10 करोड़ और उससे अधिक | ₹1 – ₹10 करोड़ |
| लिस्टेड होता है | NSE / BSE पर | NSE Emerge / BSE SME पर |
| नियम और अनुपालन | कठोर SEBI नियम | सरलीकृत नियम |
| न्यूनतम निवेश | ₹12,000 – ₹15,000 | ₹1 – ₹2 लाख (अधिक लॉट साइज़) |
| समय अवधि | 6 – 12 महीने | 4 – 5 महीने |
| एंकर निवेशक | न्यूनतम ₹10 करोड़ | न्यूनतम ₹1 करोड़ |
| डेटा उपलब्धता | व्यापक विश्लेषक कवरेज | सीमित कवरेज |
| तरलता | उच्च तरलता | कम तरलता |
Fixed Price vs Book Building IPO
Fixed Price IPO: कंपनी पहले से ही शेयर की कीमत तय कर देती है। आप उसी कीमत पर शेयर खरीद सकते हैं। यह सरल है लेकिन निवेशकों को कीमत निर्धारण में कोई भूमिका नहीं होती।
Book Building IPO: यह अधिक आम तरीका है। कंपनी एक प्राइस बैंड देती है (जैसे ₹100-120) और आप अपनी बिड लगाते हैं। अंतिम कीमत बिड के आधार पर तय होती है। यह ज्यादा पारदर्शी है।
4. 2026 में आनेवाले IPO – बड़ी कंपनियों की सूची
भारतीय IPO बाजार 2026 में अभूतपूर्व वृद्धि देखने जा रहा है। कुल ₹2.6 लाख करोड़ की IPO पाइपलाइन तैयार है। आइए मुख्य IPOs देखें:
प्रमुख IPO जो 2026 में आने वाले हैं:
1. Reliance Jio – सबसे बड़ा IPO
- अपेक्षित राशि: ₹30,000 – ₹52,000 करोड़ ($4-6 बिलियन)
- वैल्यूएशन: $112 – $180 बिलियन
- लॉन्च: H1 2026 (पहली छमाही)
- विशेषता: भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा IPO हो सकता है
- जियो के बारे में: 500 मिलियन ग्राहक, स्वच्छ कैश फ्लो, AI में निवेश
2. PhonePe – डिजिटल पेमेंट की शक्ति
- अपेक्षित राशि: ₹12,000 – ₹14,000 करोड़
- लॉन्च: Mid-2026
- वैल्यूएशन: ~₹12 बिलियन
- FY25 राजस्व: ₹7,115 करोड़ (40% YoY वृद्धि)
- शक्ति: 59 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता, 310 मिलियन दैनिक लेनदेन
3. NSE (National Stock Exchange)
- अपेक्षित राशि: ₹2,000 – ₹3,000 करोड़
- महत्व: भारतीय शेयर बाजार का केंद्रीय एक्सचेंज
- लाभ: NSE में निवेश = भारतीय बाजार में हिस्सेदारी
4. OYO Rooms – होटल और आतिथ्य
- अपेक्षित राशि: ₹7,000 – ₹8,000 करोड़
- वैल्यूएशन: $7 – $8 बिलियन
- क्षेत्र: आतिथ्य क्षेत्र का विस्तार
5. Flipkart – ई-कॉमर्स
- स्थिति: भारत में डोमिसाइल शिफ्ट प्रक्रिया में
- संभावना: 2026-2027 में लिस्टिंग
6. SBI Mutual Fund
- अपेक्षित राशि: ₹8,000 – ₹10,000 करोड़
- विवरण: SBI द्वारा अपनी म्यूचुअल फंड सहायक की बिक्री
5. IPO में निवेशकों की रुचि के आंकड़े और सांख्यिकी
FY24 में IPO की रिपोर्ट – एक दिलचस्प कहानी
| मेट्रिक | FY24 | FY23 | FY22 |
|---|---|---|---|
| कुल IPO | 76 | 36 | 47 |
| कुल धनराशि उठाई | ₹6.19 ट्रिलियन | – | – |
| औसत ओवरसबस्क्रिप्शन | 50 गुना | 15 गुना | 52 गुना |
| रिटेल ओवरसबस्क्रिप्शन | 30 गुना | 7 गुना | 14 गुना |
| औसत लिस्टिंग गेन | 29% | 12% | 25% |
| QIB ओवरसबस्क्रिप्शन | 81 गुना | 31 गुना | 57 गुना |
| 100x से अधिक ओवरसबस्क्रिप्शन | 31 IPO | 2 IPO | 6 IPO |
क्या मतलब है: FY24 में 76 IPO में से 31 ने 100 गुना से अधिक ओवरसबस्क्रिप्शन देखा! यानी एक शेयर के लिए 100 लोगों ने आवेदन किया। यह भारतीय निवेशकों की IPO में तीव्र रुचि को दर्शाता है।
6. IPO में निवेश के लिए आवश्यक खातें – पहला कदम
तीन अनिवार्य खातें:
1. Demat Account (डीमैट खाता)
क्या है: यह एक इलेक्ट्रॉनिक तिजोरी है जहां आपके शेयर रखे जाते हैं। ठीक वैसे ही जैसे बैंक खाते में पैसे रखे जाते हैं, डीमैट खाते में शेयर रखे जाते हैं।
अनिवार्य क्यों है: IPO में निवेश करने पर IPO के शेयर सीधे आपके बैंक खाते में नहीं आते। ये डीमैट खाते में ही क्रेडिट होते हैं।
कैसे खोलें:
- कोई भी SEBI-अनुमोदित ब्रोकर चुनें (Angel One, Groww, HDFC Securities, Kotak)
- ब्रोकर की वेबसाइट पर जाएं
- PAN, Aadhaar, बैंक विवरण देकर आवेदन करें
- Video KYC पूरी करें (15 मिनट की प्रक्रिया)
- ₹0 – ₹500 शुल्क लगभग सभी ब्रोकरों के लिए
- 24-48 घंटे में खाता सक्रिय हो जाता है
2. Trading Account (ट्रेडिंग खाता)
क्या है: यह खाता आपको शेयर खरीदने-बेचने की अनुमति देता है। IPO में बिड लगाने के लिए भी ट्रेडिंग खाते की जरूरत है।
महत्व: बिना ट्रेडिंग खाते के, आप IPO में निवेश नहीं कर सकते।
खोलने की प्रक्रिया: आमतौर पर डीमैट खाते के साथ ही खुल जाता है। अतिरिक्त शुल्क ₹0 – ₹500।
3. Bank Account (बैंक खाता) – ASBA के लिए
विशेष आवश्यकता: आपका बैंक खाता ASBA-सक्षम होना चाहिए।
ASBA क्या है: Application Supported by Blocked Amount। जब आप IPO में बिड लगाते हैं, तो बैंक आपके खाते से पैसा ब्लॉक कर देता है (निकाला नहीं जाता)। अगर आपको शेयर न मिलें, तो पैसा अपने आप रिलीज हो जाता है।
फायदे:
- आपके पैसे पर ब्याज मिलता रहता है (जब तक ब्लॉक हैं)
- अगर शेयर नहीं मिलते, तो तुरंत पैसा वापस आ जाता है
- कोई मैनुअल प्रक्रिया नहीं
कौन से बैंक ASBA प्रदान करते हैं:
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- HDFC बैंक
- ICICI बैंक
- Axis बैंक
- Kotak महिंद्रा बैंक
- और अन्य सभी प्रमुख बैंक
7. सही ब्रोकर का चयन – समझदारी से तुलना करें
IPO में निवेश की यात्रा ब्रोकर चुनने से शुरू होती है। सही ब्रोकर का मतलब सस्ते शुल्क, अच्छा प्लेटफॉर्म, और बेहतर सपोर्ट है।
शीर्ष 4 ब्रोकरों की तुलना:
| ब्रोकर | समग्र रेटिंग | शुल्क | प्लेटफॉर्म | ग्राहक सेवा | IPO सुविधा | सक्रिय उपयोगकर्ता |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Angel One | ⭐⭐⭐⭐⭐ (4.4/5) | ₹20/ऑर्डर | उत्कृष्ट | 4.4/5 | हाँ – सरल | 3.46 करोड़ |
| Groww | ⭐⭐⭐⭐⭐ (4.3/5) | ₹20/ऑर्डर | बहुत अच्छा | 3.8/5 | हाँ – बेहतरीन | 1.2 करोड़ |
| HDFC Securities | ⭐⭐⭐⭐ (4.2/5) | सेगमेंट अनुसार | प्रीमियम | 4.3/5 | हाँ – संपूर्ण | 15 लाख |
| Kotak Securities | ⭐⭐⭐⭐ (4.1/5) | प्रतिस्पर्धी | मजबूत | 4.2/5 | हाँ | 8 लाख |
ब्रोकर चुनते समय ये बातें देखें:
- IPO आवेदन की सुविधा: क्या ब्रोकर के ऐप में सरलता से IPO आवेदन कर सकते हैं?
- शुल्क: कम से कम शुल्क वाला ब्रोकर चुनें
- ग्राहक सपोर्ट: क्या समस्या के समय तुरंत मदद मिलती है?
- शैक्षिक संसाधन: क्या ब्रोकर को समझने में आसान लेख/वीडियो हैं?
- मोबाइल ऐप: क्या ऐप यूजर-फ्रेंडली है?
8. वित्तीय तैयारी – कितना निवेश करें?
IPO में निवेश करने से पहले अपने पैसे का आकलन करें। लालची न बनें, समझदारी से निवेश करें।
निवेश की सीमाएं:
न्यूनतम निवेश: ₹12,000 – ₹15,000 (एक लॉट)
कई IPOs में एक लॉट का आकार 50-150 शेयर होता है। अगर शेयर की कीमत ₹100 है, तो एक लॉट के लिए ₹5,000 – ₹15,000 की जरूरत हो सकती है।
अधिकतम निवेश (खुदरा निवेशकों के लिए): ₹2,00,000
यह SEBI की सीमा है। आप खुदरा निवेशक के रूप में ₹2 लाख तक आवेदन कर सकते हैं।
व्यावहारिक सुझाव:
- अपनी आय का 5-10% तक IPO में निवेश करें
- किसी एक IPO में ₹50,000 – ₹1 लाख से अधिक न लगाएं
- हमेशा अपने पास कुछ नकद रखें (आपातकालीन कोष)
₹1,00,000 निवेश का उदाहरण:
कुल बजट: ₹1,00,000
विभाजन:
- IPO 1 (हाई-ग्रोथ): ₹30,000
- IPO 2 (स्थिर कंपनी): ₹30,000
- IPO 3 (नई तकनीक): ₹20,000
- IPO 4 (रिजर्व): ₹20,000
लाभ: विविधता, जोखिम में कमी
9. Pre-IPO Checklist – तैयारी सूची
IPO में आवेदन करने से पहले ये सब चेक करें:
आवश्यक दस्तावेज़ और सत्यापन:
1. KYC पूरा करना ✓
- KYC का मतलब “Know Your Customer”
- यह आपकी पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया है
- पहली बार खाता खोलते समय स्वचालित रूप से हो जाती है
- अगर पुराना खाता है, तो कभी-कभी KYC अपडेट करने की जरूरत पड़ सकती है
2. PAN Verification ✓
- PAN (Permanent Account Number) अनिवार्य है
- यह 10-वर्णीय संख्या है (जैसे: ABCDE1234F)
- आप Income Tax वेबसाइट पर अपना PAN चेक कर सकते हैं
3. Aadhaar Verification ✓
- Aadhaar को PAN से लिंक करना जरूरी है
- यह आपकी पहचान को मजबूत करता है
- UIDAI वेबसाइट पर status चेक कर सकते हैं
- Deadline: सभी को linked होना चाहिए
4. Bank Account Linking ✓
- अपना बैंक खाता डीमैट खाते से जोड़ें
- ASBA के लिए यही खाता उपयोग होगा
- सुनिश्चित करें कि खाता आपके ही नाम पर है
5. UPI Setup (अनिवार्य – 2025 से) ✓
- अपना UPI ID सेट करें (जैसे: yourname@upi)
- IPO आवेदन के समय UPI की जरूरत होगी
- ₹5 लाख तक UPI से आवेदन कर सकते हैं
Checklist Format:
IPO आवेदन से पहले की तैयारी:
- Demat Account खोला हुआ है?
- Trading Account सक्रिय है?
- Bank Account ASBA-enabled है?
- KYC पूरी है?
- PAN-Aadhaar linked है?
- UPI ID जुड़ा हुआ है?
- बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस है?
- सभी डेटा सही है (नाम की स्पेलिंग वगैरह)?
अगर सब “हाँ” है – आप तैयार हैं! ✓
10. Red Herring Prospectus – IPO के दस्तावेज़
IPO में आवेदन करने से पहले RHP (Red Herring Prospectus) पढ़ना बहुत जरूरी है। यह एक कानूनी दस्तावेज़ है जो कंपनी की हर जानकारी देता है।
RHP के मुख्य हिस्से (जो आपको पढ़ने चाहिए):
1. Business Overview (व्यवसाय की जानकारी)
- कंपनी क्या करती है?
- कितने साल से चल रही है?
- मुख्य उत्पाद/सेवाएं क्या हैं?
- बाजार में उनकी स्थिति कैसी है?
उदाहरण – PhonePe: “Digital payments platform, 590 मिलियन उपयोगकर्ता, भारत का 48.4% UPI transaction share”
2. Financial Statements (वित्तीय विवरण) – सबसे महत्वपूर्ण
आपको पिछले 3 साल के वित्तीय आंकड़े देखने चाहिए:
| वर्ष | राजस्व | लाभ | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| FY23 | ₹5,000 Cr | ₹200 Cr | – |
| FY24 | ₹6,500 Cr | ₹450 Cr | 30% |
| FY25 | ₹9,100 Cr | ₹850 Cr | 40% |
क्या देखना है:
- क्या राजस्व बढ़ रहा है?
- क्या लाभ बढ़ रहा है?
- क्या वृद्धि स्थिर है (अचानक 200% वृद्धि संदिग्ध है)?
3. Use of IPO Proceeds (IPO के पैसे का उपयोग)
कंपनी IPO से मिले पैसे का क्या करेगी?
उदाहरण – ₹5,000 करोड़ IPO:
- नई सुविधाएं: ₹2,000 करोड़
- कर्मचारी वेतन: ₹1,000 करोड़
- कर्ज चुकाना: ₹1,000 करोड़
- कार्यशील पूंजी: ₹1,000 करोड़
सुरक्षित संकेत: अगर कंपनी सुविधाओं और उत्पाद विकास में ज्यादा पैसा लगा रही है = अच्छा।
संदिग्ध संकेत: अगर कंपनी ज्यादातर पैसा प्रमोटर के कर्ज चुकाने में लगा रही है = सतर्क रहें।
4. Risk Factors (जोखिम)
यह सबसे ईमानदार खंड है। कंपनी खुद बताती है कि क्या गलत हो सकता है:
संभावित जोखिम:
- ऑपरेशनल जोखिम:
- प्रतिस्पर्धा बढ़ना
- कुशल कर्मचारियों की कमी
- तकनीकी विफलता
- वित्तीय जोखिम:
- अच्छी नकदी प्रवाह न होना
- अधिक कर्ज
- विदेशी मुद्रा की समस्या
- नियामक जोखिम:
- सरकारी नीति में बदलाव
- कानूनी मामले
- बाजार जोखिम:
- मंदी की स्थिति
- ग्राहकों की मांग में गिरावट
महत्व: अगर “Risk Factors” सेक्शन में बहुत सारे गंभीर जोखिम हैं, तो सावधान रहें।
5. Promoter Information (प्रमोटर की जानकारी)
प्रमोटर वह व्यक्ति/कंपनी है जिसने इस कंपनी को शुरू किया था। आपको जानना चाहिए:
- प्रमोटर का background क्या है?
- पिछली कंपनियों में उनका ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है?
- क्या कभी किसी कानूनी समस्या में फंसे हैं?
- अभी कितने शेयर वे रखते हैं?
अच्छा संकेत: अगर प्रमोटर पिछली कंपनियों में सफल रहे हैं और IPO के बाद भी कंपनी में बड़ा निवेश बनाए रखते हैं।
6. Valuation (मूल्यांकन)
IPO कितना सस्ता या महंगा है? इसे समझने के लिए ये मेट्रिक्स देखें:
| मेट्रिक | अर्थ | अच्छा होना |
|---|---|---|
| P/E Ratio | कीमत-से-आय अनुपात | कम P/E = सस्ता |
| PB Ratio | कीमत-से-किताब मूल्य | 1-2 = reasonable |
| ROE | इक्विटी पर रिटर्न | जितना अधिक उतना अच्छा |
11. IPO में आवेदन की प्रक्रिया – Step-by-Step
अब आता है असली काम! IPO में आवेदन कैसे करते हैं?
Step 1: IPO का चयन करें
- अपने ब्रोकर के ऐप में जाएं
- “IPO” सेक्शन खोलें
- वर्तमान IPOs देखें
- अपनी पसंद का IPO चुनें
Step 2: Broker Portal में Login करें
ब्रोकर लॉगिन:
- URL: आपके ब्रोकर की वेबसाइट
- Username: आपका client ID
- Password: आपका पासवर्ड
Step 3: IPO को Select करें
- IPO की सभी जानकारी देखें (शेयर की कीमत, लॉट साइज़, आदि)
- “Apply for IPO” बटन दबाएं
Step 4: Price Band में Bid लगाएं
मान लीजिए IPO का price band ₹100-120 है:
आप निर्णय ले सकते हैं:
- ₹100 पर बिड (सबसे सुरक्षित – हो सकता है final price इससे अधिक हो)
- ₹110 पर बिड (mid-price)
- ₹120 पर बिड (aggressive – अगर ज्यादा महंगा हो तो आवेदन रद्द)
- Cut-off price पर (सलाह दी जाती है अधिकांश के लिए)
सुझाव: नए निवेशकों को “Cut-off Price” पर बिड करनी चाहिए। इस कीमत पर आपको शेयर मिलने की संभावना अधिक होती है।
Step 5: Share Quantity चुनें
लॉट साइज़ के मल्टीपल में ही आवेदन कर सकते हैं।
उदाहरण – लॉट साइज़ = 50 शेयर
आप लगा सकते हैं:
- 1 लॉट = 50 शेयर
- 2 लॉट = 100 शेयर
- 3 लॉट = 150 शेयर
लेकिन 75 शेयर नहीं!
Step 6: UPI/ASBA से भुगतान करें
Option 1: UPI से
- अपना UPI ID दर्ज करें
- UPI ऐप पर mandate approval दें
- पैसा ब्लॉक हो जाएगा
Option 2: Bank ASBA से
- अपना bank खाता चुनें
- बैंक स्वचालित रूप से पैसा ब्लॉक कर देगा
Step 7: आवेदन Submit करें
- सभी विवरण फिर से चेक करें
- “Submit” बटन दबाएं
- आवेदन की पुष्टि SMS/Email से मिलेगी
समस्या समाधान:
Q: क्या आवेदन में गलती हुई?
- A: IPO subscription अवधि के दौरान (आमतौर पर आखिरी दिन से एक दिन पहले तक) संशोधन कर सकते हैं।
Q: क्या एक ही PAN से एक से ज्यादा बार आवेदन कर सकते हैं?
- A: नहीं! एक PAN = एक आवेदन। अगर दो बार करते हैं तो दूसरा रद्द कर दिया जाता है।
Q: क्या family के members के accounts से आवेदन कर सकते हैं?
- A: हाँ! अलग-अलग PAN वाले लोग अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं।
12. Allotment Process – शेयर कैसे मिलते हैं?
IPO की subscription अवधि खत्म होने के बाद, अब क्या होता है?
Allotment का मतलब:
आपके बिड के आधार पर आपको शेयर दिए जाते हैं (या नहीं दिए जाते)।
तीन संभावनाएं:
Scenario 1: कम सबस्क्रिप्शन (10% से भी कम)
- IPO की मांग: कम
- सभी को शेयर मिल जाते हैं!
- उदाहरण: ₹100 करोड़ की IPO, केवल ₹80 करोड़ की बिड
- परिणाम: सभी को उनके अनुरोधित शेयर मिल जाते हैं।
Scenario 2: पर्याप्त सबस्क्रिप्शन (1-3 गुना)
- IPO की मांग: अच्छी
- प्रत्येक को कम से कम 1 लॉट मिल जाता है, बाकी pro-rata (आनुपातिक) आधार पर
- उदाहरण: ₹100 करोड़ की IPO, ₹200 करोड़ की बिड (2x)
- परिणाम: पहले सभी को 1 लॉट, बाकी 50% को यादृच्छिक रूप से
Scenario 3: अत्यधिक सबस्क्रिप्शन (50x+)
- IPO की मांग: भारी
- केवल थोड़े से लोगों को ही शेयर मिलते हैं
- उदाहरण: ₹100 करोड़ की IPO, ₹5,000 करोड़ की बिड (50x)
- परिणाम: Lottery system से नाम के चिट्ठे से, 1 लाख लोग में से हो सकता है केवल 20,000 को ही शेयर मिलें
Allotment की Timeline:
| दिन | गतिविधि |
|---|---|
| T | IPO subscription खत्म होती है |
| T+1 | Bid validation, allotment basis तैयारी |
| T+2 | Allotment finalized |
| T+3 | Stock exchange पर listing |
| T+4 | Refund process शुरू |
| T+5 | सभी refunds आ चुके होते हैं |
T का मतलब: IPO के बंद होने का दिन
Allotment कैसे होता है – विस्तार से:
अगर कम सबस्क्रिप्शन है (< 100%):
- IPO के लिए: 10,000 शेयर आवश्यक
- आवेदन: 8,000 शेयर के लिए
- परिणाम: सभी को 100% allotment
अगर अधिक सबस्क्रिप्शन है (> 100%):
Step 1: Minimum allotment सुनिश्चित करना
- SEBI का नियम: हर Retail को कम से कम 1 लॉट
- इसलिए पहले सभी retail को 1 लॉट दिया जाता है
Step 2: Pro-Rata allotment
- अगर शेयर बचे हैं, तो आनुपातिक रूप से दिए जाते हैं
- अगर आपने 5 लॉट के लिए आवेदन किया था और 50% pro-rata है: आपको 1 (guaranteed) + 2 (pro-rata) = 3 लॉट मिलेंगे
Step 3: Lottery system (Oversubscribed)
- अगर फिर भी शेयर न बचें: Computer random drawing से winners चुने जाते हैं
- यह पूरी तरह किस्मत पर निर्भर करता है
Allotment कहां चेक करें?
Option 1: ब्रोकर के ऐप से
- ब्रोकर के ऐप में “IPO Allotment Status” सेक्शन में जाएं
- IPO का नाम चुनें
- Status देख लें
Option 2: NSDL/CDSL से
- NSDL/CDSL वेबसाइट पर जाएं
- अपना client ID दें
- Holdings देखें (नए शेयर वहां होंगे)
13. Listing और पहला ट्रेडिंग दिन – आर्थिक रोमांच
अंत में – IPO लिस्ट हो गया! अब क्या होता है?
Listing का मतलब:
IPO के 3 दिन बाद (T+3), शेयर stock exchange पर लाइव हो जाते हैं। अब आप इन शेयरों को बेच सकते हैं, खरीद सकते हैं या रख सकते हैं।
Listing Day की तैयारी:
Listing से पहले (T दिन पहले):
- अपना Exit Plan बनाएं (कब बेचेंगे?)
- Target price तय करें (कितना gain चाहिए?)
- Stop Loss set करें (कितना loss बर्दाश्त करेंगे?)
Listing के दिन:
- सुबह जल्दी उठें (market 9:15 AM पर खुलता है)
- Volatility हो सकती है – घबराएं नहीं
- तकनीकी समस्याओं के लिए तैयार रहें (server धीमा हो सकता है)
Grey Market Premium (GMP) क्या है?
Listing से पहले, कुछ लोग अनौपचारिक बाजार में IPO के शेयर बेचते हैं। इस बाजार को “Grey Market” कहते हैं।
उदाहरण:
- IPO कीमत: ₹100
- Grey Market Price: ₹135
- Grey Market Premium (GMP) = ₹135 – ₹100 = ₹35
- इसका मतलब: लोग ₹35 की premium कीमत पर शेयर खरीद रहे हैं।
- यह एक संकेत है कि listing अच्छी हो सकती है, लेकिन guaranteed नहीं है!
महत्वपूर्ण: Grey Market में खरीद-बिक्री अवैध है। हम यह केवल जानकारी के लिए बता रहे हैं।
Listing Gains – वास्तविक उदाहरण:
| IPO | IPO Price | Listing Price | Gain % | FY24 |
|---|---|---|---|---|
| High Gain | ₹100 | ₹155 | +55% | ✓ |
| Moderate Gain | ₹100 | ₹125 | +25% | ✓ |
| Flat | ₹100 | ₹100 | 0% | × |
| Loss | ₹100 | ₹85 | -15% | × |
FY24 में 76 IPOs में से:
- 61 IPOs profitable थे
- 15 IPOs loss करने वाली थीं
- 31 IPOs ने 50% से अधिक returns दिए
अपनी Strategy तय करें:
Strategy 1: Listing Gain के लिए
कभी कभी Listing डे पर ही इतना लाभ हो जाता कि इतना एक trader Intraday Trading या Option trading करके भी नहीं कमा पाता।
- Listing day पर सुबह बेचें
- तुरंत लाभ book करें
- Tax: 15% STCG
Strategy 2: Long-term के लिए
- कम से कम 1 साल रखें
- कंपनी की growth देखें
- Tax: 10% LTCG (₹1.25L के बाद)
Strategy 3: Hybrid
- 50% शेयर listing day पर बेचें
- 50% लंबे समय के लिए रखें
- Balanced returns
14. Tax Planning – कमाई पर कर की समझदारी
IPO से कमाई पर टैक्स देना पड़ता है। समझ लीजिए कि कितना देना होगा।
Capital Gains के प्रकार:
Short-Term Capital Gains (STCG):
जब आप IPO से 12 महीने के भीतर शेयर बेचते हैं।
Example:
- IPO खरीद कीमत: ₹100
- बिक्री कीमत (3 महीने बाद): ₹150
- Gain: ₹50
- Tax Rate: 15% + Health Cess (4%) = लगभग 16%
- Tax देना होगा: ₹50 × 15% = ₹7.50
- आपको शुद्ध लाभ: ₹50 – ₹7.50 = ₹42.50
Long-Term Capital Gains (LTCG):
जब आप IPO से 12 महीने बाद शेयर बेचते हैं।
Example:
- IPO खरीद कीमत: ₹100
- बिक्री कीमत (14 महीने बाद): ₹150
- Gain: ₹50
- Tax Rate: 10% (₹1.25L के बाद)
- अगर साल में कुल LTCG gain ₹1,25,000 से कम है: Tax: ₹0 (पूरी तरह exempt!)
- अगर ₹1,25,000 से अधिक है: Tax केवल excess पर लगता है (10%)
Tax Saving Strategy:
उदाहरण: ₹1,00,000 का निवेश
Option A: 3 महीने में बेचें (STCG)
- Gain: ₹30,000
- Tax (15%): ₹4,500
- Net Profit: ₹25,500
Option B: 14 महीने में बेचें (LTCG)
- Gain: ₹30,000
- Tax (0%, क्योंकि ₹1.25L से कम): ₹0
- Net Profit: ₹30,000
- बचत: ₹4,500 (अतिरिक्त लाभ!)
Listing Day Tax:
बहुत महत्वपूर्ण:
- Listing day पर मिलने वाला लाभ भी STCG (Short-term) है!
- उदाहरण: IPO कीमत: ₹100, Listing price: ₹130, Listing day gain: ₹30
- भले ही आप शेयर नहीं बेचते, फिर भी यह ₹30 का लाभ 15% कर के लिए आपके DTH में count होगा!
- तो भले ही आप share को 1 साल रखें, पहले दिन की कमाई पर 15% tax है।
15. Post-IPO Performance – Listing के बाद क्या?
IPO लिस्ट हो गया। अब की कहानी अधिक महत्वपूर्ण है।
कंपनी के साथ जुड़े रहें:
Important Things to Track:
- Quarterly Results:
- Revenue growth rate
- Profitability trends
- Cash flow health
- Industry News:
- प्रतियोगी कंपनियां क्या कर रही हैं?
- क्या नई तकनीक आई है?
- Management Decisions:
- नए प्रोडक्ट लॉन्च
- Expansion plans
- Strategic partnerships
- Regulatory Changes:
- सरकार की नई नीति
- कानूनी मामले
- Analyst Reports:
- क्या experts क्या कह रहे हैं?
- Target price क्या है?
Exit Strategy बनाएं:
पहले से ही तय करें:
- Target Price: मुझे कितना gain चाहिए? (अगर 20% gain मिल जाए तो बेच दूंगा)
- Stop Loss: कितना loss सहन कर सकते हैं? (अगर 15% loss हो जाए तो बेच दूंगा)
- Time Horizon: कितने समय के लिए रखूंगा? (3 महीने, 1 साल, 5 साल?)
- Rebalancing: क्या portfolio को फिर से balance करूंगा?
16. SEBI के नए नियम (2025-26) – सुधार और नई सुविधाएं
भारतीय IPO बाजार लगातार विकसित हो रहा है। नए नियम निवेशकों के लिए कैसे मददगार हैं?
SEBI के 2025 में लागू किए गए नियम:
1. 40% Anchor Investor Allocation
- पहले: 33% anchor allocation
- अब: 40% anchor allocation
- लाभ: अधिक स्थिर निवेशक, Listing day की volatility कम होगी, Long-term value better होगी
2. 90 Days Lock-in Period (Anchor के लिए)
- Anchor investors को 90 दिन तक शेयर नहीं बेचने दिए जाते।
- लाभ: बड़े investors लंबे समय के लिए रहेंगे, Share price stable रहेगी
3. UPI Payment Mandatory
- अब सभी IPO applications UPI से ही लिए जाते हैं।
- लाभ: तेज़ processing, कम प्रशासनिक परेशानी, Instant fund blocking
4. T+3 Listing (पहले T+6 था)
- अब IPO subscription के 3 दिन बाद shares listed होते हैं।
- लाभ: तेज़ refund processing, Investor को जल्दी पैसा वापस मिलता है, बेहतर तरलता
5. Retail Quota – Maintained at 35% (Proposed cut scrapped)
- पहले: SEBI ने 35% को 25% करने का प्रस्ताव दिया था
- अब: 35% maintain किया जा रहा है
- खुशखबरी: Retail investors के अधिकार सुरक्षित हैं, 100 करोड़ का allocation तुम्हारे लिए
17. सामान्य गलतियां और कैसे बचें
अब तक आप समझ गए होंगे। लेकिन देखते हैं कि retail investors आमतौर पर क्या गलतियां करते हैं:
IPO निवेश में Common Mistakes:
गलती 1: मीडिया हाइप में आना
❌ गलत:
- Times Now पर IPO की खबर सुनी
- सब लोग बोल रहे थे “खरीद लो, खूब gain होगा”
- बिना जांच-पड़ताल के आवेदन कर दिया
✅ सही:
- RHP पढ़ा
- Financial metrics analyze किए
- Risk factors समझे
- तभी आवेदन किया
गलती 2: Borrowed Money से Invest करना
❌ गलत:
- Personal loan लिया
- Credit card से advance निकाला
- IPO में लगा दिया
- Luck नहीं चली तो कर्ज़ में पड़ गए
✅ सही:
- अपने savings से invest किया
- Emergency fund बचाई
- Affordable amount लगाया
गलती 3: Overvaluation को Ignore करना
❌ गलत:
- Company की revenue ₹100 Cr है
- IPO valuation ₹5,000 Cr तय किया गया है
- 50x का multiple!
- फिर भी IPO खरीद लिया
✅ सही:
- Peer companies की valuation देखी
- P/E ratio की तुलना की
- अगर 50x multiple है तो overvalued है
- IPO skip किया
गलती 4: बहुत बड़े आवेदन
❌ गलत:
- हर IPO में ₹2 लाख लगा दिया
- 5 IPOs में ₹10 लाख लगा दिया
- सब गलत साबित हुए तो बड़ा नुकसान
✅ सही:
- कुल portfolio का 5-10% लगाया
- विविधता लाई
- कुछ का loss, कुछ का gain – balanced
गलती 5: Lock-in Period को न समझना
❌ गलत:
- IPO में निवेश किया
- 3 महीने बाद पैसे की जरूरत पड़ी
- Promoter के शेयर lock-in period में थे
- Founder बेच नहीं सकता था, तो share price गिरा
✅ सही:
- Lock-in period जान लिया
- पता लगा – promoter के shares को 1 साल के लिए lock किया है
- इसका मतलब – पहले साल में share price volatile हो सकता है
- Accordingly तैयारी की
गलती 6: कोई निवेश योजना नहीं
❌ गलत:
- “अरे, listing day पर तो gain होगा ही”
- “कुछ भी करेंगे, पैसा तो बढ़ेगा”
- Listing day पर बाजार गिरा
- नुकसान हो गया
✅ सही:
- पहले से ही तय किया: “मैं 1 साल के लिए रखूंगा”
- Target price: 20% gain पर बेचूंगा
- Stop loss: 10% loss पर बेचूंगा
- Plan के अनुसार काम किया
18. IPO Allotment कैसे मिलेगा? – Smart Tips
क्या आप अपनी IPO allotment के chances बढ़ाना चाहते हैं?
तकनीकें जो काम करती हैं:
Technique 1: Cut-off Price पर Bid करें
- IPO price band: ₹100-120
- ❌ यदि ₹120 पर bid करते हैं: Final price अगर ₹100 है तो आपका order cancel, Allotment नहीं
- ✓ यदि ₹100 (Cut-off) पर bid करते हैं: Final price कुछ भी हो, आपका order valid, Allotment possibility ज्यादा
Technique 2: छोटे Multiple Applications
- Option A: ₹1,00,000 एक बार में bid = 50x oversubscribed = 2% chance
- Option B: ₹25,000 × 4 बार bid (different family members से) = 4 अलग-अलग PAN = 4 × 2% = 8% chance = अच्छा है!
Technique 3: Under-subscribed IPOs को देखें
- ❌ Trap: “इसमें कम allotment issue होगा, तो खरीद लेते हैं”
- ✓ Opportunity: अगर fundamentals अच्छे हैं:
- कम competition
- 100% allotment की संभावना
- Good valuation
Technique 4: Parent Company के Shares रखें
- Scenario: Child company का IPO आ रहा है
- उदाहरण: अगर Parent (RIL) के shares पहले से हैं:
- SEBI कभी-कभी preferential allotment दे सकता है
- Existing shareholders को priority
- लेकिन: यह guaranteed नहीं है।
19. सफलता के Tips – Winning Strategy
IPO में सफल होने के लिए ये रणनीति अपनाएं:
5-Point Winning Strategy:
1. Research करें, सलाह मत सुनो
- “सब लोग कहते हैं [IPO name] में लगा दो” – सुनो, लेकिन अपनी research करो:
- RHP पढ़ो
- Financial ratios देखो
- Management को जानो
- Risk factors समझो
- बाद में निर्णय लो
2. Long-term सोचो, Listing Gains नहीं
- Mindset बदल लो:
- ❌ “Listing day पर ₹30,000 gain हो जाएगा”
- ✓ “अगले 5 साल में यह company 100x हो जाएगी”
- Historically, IPOs जो long-term winners बन गईं:
- Infosys (IPO: ₹1, अब: ₹1,600+)
- Reliance (IPO: ₹16, अब: ₹1,200+)
3. अपनी Investment Capacity जानो
- तीन categories:
- Conservative: Only large-cap IPOs (Reliance, NSE)
- Moderate: Mix of established और growth companies
- Aggressive: High-growth startups (more risk, more reward)
- अपना category चुनो, फिर उसी में रहो।
4. Diversify करो
- सब IPOs में न लगा दो।
- Example: ₹3 Lakh का allocation
Good Distribution:
- Tech (₹80,000)
- Finance (₹70,000)
- Hospitality (₹50,000)
- Reserve (₹1,00,000)
Bad: सब कुछ Tech में = जोखिम अधिक
5. Risk को समझो और Manage करो
हर IPO में risk है:
Risk levels:
- Level 1: Established company (Reliance) – Low risk
- Level 2: Profitable startup (PhonePe) – Moderate
- Level 3: Loss-making startup – High risk
- अपनी risk appetite के अनुसार invest करो।
निष्कर्ष: आपकी IPO यात्रा शुरू करें
IPO में निवेश एक रोमांचक और संभावित लाभदायक तरीका है अपनी wealth बनाने का। लेकिन जैसे किसी भी अन्य निवेश में, सफलता के लिए ज्ञान, धैर्य और अनुशासन आवश्यक है।
आपकी शुरुआत करने की चेकलिस्ट:
- Demat account खोला? (अगर नहीं, तो आज ही खोलो)
- सही broker चुना?
- KYC पूरी की?
- Aadhaar-PAN linked?
- Bank account ASBA-enabled?
- UPI setup की?
- RHP पढ़ने की आदत लगाई?
- Financial metrics समझ गए?
- Risk vs Reward को समझ गए?
याद रखें:
- IPO एक अवसर है, जुआ नहीं
- Hype में न आएं, Data को follow करें
- धीरे-धीरे wealth बढ़ाएं, जल्दबाजी न करें
- लंबे समय की सोचें, short-term gains की नहीं
- SEBI guidelines का हमेशा पालन करें
2026 एक शानदार साल हो सकता है भारतीय IPO बाजार के लिए। Reliance Jio, PhonePe, NSE जैसी महान कंपनियां सार्वजनिक हो रही हैं।
लेकिन स्मार्ट बनो, सतर्क रहो, और सफल हो।
आपकी IPO निवेश की यात्रा शुभ हो! 🚀
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। निवेश से पहले किसी qualified financial advisor से सलाह लें। Past performance future results की guarantee नहीं है।
