MRF share price target 2026 जानना चाहते हैं? January 2026 में MRF stock price करीब ₹1,49,000 NSE पर ट्रेड कर रहा है। MRF target price 2026 के लिए अलग-अलग research माध्यम ₹1,40,000 से ₹2,40,000 तक बता रही हैं। MRF stock forecast 2030 में ₹2.3 लाख से ₹3.8 लाख तक possible है। ये सभी numbers analyst estimates हैं जो market conditions के साथ change हो सकते हैं।
MRF कंपनी का पूरा परिचय
MRF यानी Madras Rubber Factory, भारत की सबसे पुरानी और बड़ी टायर बनाने वाली कंपनी है। 1946 में चेन्नई में सिर्फ गुब्बारे बनाकर शुरू हुई ये कंपनी आज दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी टायर कंपनी बन चुकी है। दोपहिया बाइक, कार, ट्रक, बस से लेकर हवाई जहाज के टायर तक बनाती है।
कंपनी के पास 8 बड़े प्लांट हैं, खासकर दक्षिण भारत में। ये 80 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट भी करती है। बाजार में इसकी ताकत ये है कि प्रीमियम टायरों में इसका नाम सबसे ऊपर आता है। लोग MRF टायरों को टिकाऊ और भरोसेमंद मानते हैं। लेकिन चुनौती ये है कि कच्चा रबर महंगा हो जाए तो मार्जिन दबाव में आ जाता है।
2026 तक कंपनी का टर्नओवर ₹28,000 करोड़ से ऊपर रहने का अनुमान है। ये ऑटो सेक्टर की ग्रोथ पर टिका है। भारत में कार और बाइक की बिक्री बढ़ रही है, तो रिप्लेसमेंट डिमांड (पुराना टायर बदलना) भी मजबूत है।
MRF Share Price Today – शेयर प्राइस और वैल्यूएशन
जनवरी 2026 तक MRF का शेयर NSE पर ₹1,48,720 से ₹1,49,555 के बीच घूम रहा है। पिछले 1 साल में 25% से ज्यादा रिटर्न दिया है। 52 हफ्ते का हाई ₹1,63,600 और लो ₹1,02,124 रहा। यानी उतार-चढ़ाव खूब हुआ।
P/E रेशियो 34 के आसपास है, जो टायर इंडस्ट्री के औसत 31 से थोड़ा ऊपर है। मतलब शेयर थोड़ा महंगा वैल्यूएशन पर चल रहा। मार्केट कैप ₹63,000 करोड़ से ज्यादा। ROE 8-11% और ROCE 12-13% है, जो ठीक-ठाक है लेकिन सुपरस्टार लेवल का नहीं। डेट कम है, कैश फ्लो मजबूत। डिविडेंड यील्ड सिर्फ 0.16%, यानी रेगुलर इनकम के लिए कम।
टेक्निकल चार्ट देखें तो शेयर 200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर है, जो लॉन्ग टर्म बुलिश सिग्नल है। लेकिन MACD में शॉर्ट टर्म माइल्ड बेयरिशनेस दिख रही। सपोर्ट लेवल ₹1,47,000-1,48,000 और रेजिस्टेंस ₹1,50,000-1,51,000।
MRF Q2 FY26 Results: अच्छी खबरें और चिंताएं
अक्टूबर 2025 में आए Q2 (जुलाई-सितंबर) रिजल्ट्स ने निवेशकों को थोड़ा सुकून दिया। नेट सेल्स ₹7,378 करोड़ रही, जो साल भर पहले से 7.23% ज्यादा लेकिन पिछली तिमाही से 3.87% कम। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹526 करोड़, YoY 11.67% ऊपर! EPS ₹1,239।

ऑपरेटिंग मार्जिन 15.26% हो गया, जो 8 क्वार्टरों का हाई है। ये कच्चे माल की कॉस्ट कंट्रोल और प्राइसिंग पावर से हुआ। लेकिन कमर्शियल व्हीकल (ट्रक) सेगमेंट में डिमांड कमजोर रही। दोपहिया और पैसेंजर कार में रिकवरी दिखी। कंपनी ने 3 इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया।
कुल मिलाकर रिजल्ट्स मिक्स्ड हैं। प्रॉफिट ग्रोथ अच्छी, लेकिन रेवेन्यू मॉडरेशन चिंता का विषय। अगले क्वार्टर में ऑटो सेल्स रिकवर करें तो शेयर को बूस्ट मिलेगा।
MRF share price target 2026
विभिन्न वेबसाइट्स और एनालिस्ट्स के अनुमान यहां टेबल में हैं। ध्यान दें, ये मॉडल अलग-अलग ग्रोथ रेट (8-15%) और वैल्यूएशन मल्टीपल मानकर बनाए गए हैं।
| सोर्स | 2026 मिनिमम (₹) | 2026 मैक्सिमम (₹) | अपसाइड CMP से (%) | कमेंट |
|---|---|---|---|---|
| The Tax Heaven | 1,70,000 | 1,85,000 | 14–24% | फंडामेंटल बेस्ड, स्टेबल मार्जिन मानकर। |
| SharePrice-Target | 1,43,826 | 1,78,083 | -4% से 19% | कंजर्वेटिव, शुरुआत में डिप पॉसिबल। |
| SharesForecast | 2,14,196 | 2,40,319 | 43–61% | हाई बुलिश, वॉल्यूम ग्रोथ 10%+ मानकर। |
| DailyBulls | 1,32,975 | 1,74,295 | -11% से 17% | साल भर ग्रेजुअल अपट्रेंड। |
| औसत अनुमान | 1,65,000 | 1,94,000 | 11–30% | बैलेंस्ड व्यू। |
औसत देखें तो 2026 तक ₹1,70,000-1,85,000 रेंज सबसे रियलिस्टिक लगती है। अगर ऑटो सेक्टर बूम करे और रबर प्राइस कंट्रोल में रहे, तो ऊपरी लिमिट छू सकता है। लेकिन वैल्यूएशन हाई है, तो करेक्शन का रिस्क भी।
➡️ Tata Steel Share Price Target 2025 To 2030
➡️ Havells Share Price Target 2030, 2035 और 2050 के लिए
➡️ Waaree Renewables Share Price Target 2025,2026,2027,2028,2029,2030
MRF Long Term Forecast 2030-2035
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर के लिए MRF आकर्षक है। SharePrice-Target के मुताबिक:
- 2030: ₹2,30,540 (मिन) से ₹3,85,500 (मैक्स)।
- 2035: कुछ मॉडल्स में ₹10 लाख+ तक, लेकिन ये बहुत ऑप्टिमिस्टिक।
The Tax Heaven 2030 के लिए ₹2,65,000-3,00,000 कहता है। ये 12-15% CAGR (कंपाउंड ग्रोथ) मानकर है। भारत EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) बूम में स्पेशल EV टायर लॉन्च करेगी। एक्सपोर्ट भी बढ़ेगा। लेकिन ग्लोबल कॉम्पिटिशन (चाइना, मिशलन) चुनौती।

अगर कंपनी ROE को 15%+ ले आए और डेट फ्री रहे, तो 2030 तक मार्केट कैप दोगुना हो सकता। लेकिन ये धैर्य का खेल है – 5-7 साल होल्ड करें।
इन targets के पीछे key assumptions
- ऑटो सेक्टर (PV, CV और 2‑W) में healthy sales और replacement मार्केट में strong demand बनी रहे, जिससे volumes 6–8% सालाना की दर से बढ़ सकें।
- natural rubber और crude‑based raw materials की कीमतों में बहुत तेज़ उछाल न आए, ताकि लगभग 14–16% ऑपरेटिंग मार्जिन को sustain किया जा सके और PAT margin 7%+ के आसपास बना रहे।
- कंपनी capex और debt को disciplined तरीके से मैनेज करे, जिससे ROCE लगभग 13–15% और free cash flow मजबूत बना रहे; इससे लॉन्ग‑टर्म वैल्यूएशन ऊपर के band में टिक सकता है।
टारगेट के पीछे मुख्य ड्राइवर और रिस्क
ग्रोथ ड्राइवर:
- रिप्लेसमेंट मार्केट: टायर 3-5 साल में बदलते हैं, ये 60% रेवेन्यू।
- ऑटो सेक्टर रिकवरी: 2026 में PV+CV सेल्स 8-10% ग्रोथ।
- EV टायर: नई डिमांड, कम रोलिंग रेजिस्टेंस वाले।
- एक्सपोर्ट: 20% रेवेन्यू, US-यूरोप में बढ़ोतरी।
- कैपेसिटी एक्सपैंशन: नए प्लांट से वॉल्यूम अप।
रिस्क फेक्टर:
- कॉम्पिटिशन: अपोलो, सिप्ला, MRF को चैलेंज।
- रबर प्राइस: नेचुरल रबर भारत में महंगा, आयात पर निर्भर।
- OEM कमजोरी: कार कंपनियां कम ऑर्डर।
- वैल्यूएशन: P/E 34 पर डाउनसाइड रिस्क।
- ग्लोबल रिसेशन: ऑटो डिमांड गिरे तो प्रॉब्लम।
एनालिस्ट रेटिंग्स: खरीदें या बेचें?
10 एनालिस्ट्स में:
- 5: स्ट्रॉन्ग सेल
- 2: खरीदें/स्ट्रॉन्ग बाय
- 3: होल्ड
मोतीलाल ओसवाल ने ₹1,08,000 टारगेट रखा (बिकवाली)। औसत 1-ईयर टारगेट ₹1,47,000। ओवरऑल “होल्ड विद कॉशन”। लॉन्ग टर्मर्स के लिए ठीक, शॉर्ट टर्म में वेट एंड वॉच
निवेश कैसे करें? प्रैक्टिकल टिप्स
शॉर्ट टर्म ट्रेडर: 1% dip पर खरीदें, ₹2.5% पर बेचें। स्टॉपलॉस 2% नीचे। रिजल्ट्स पर नजर।
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर:
- SIP स्टाइल: हर महीने ₹10,000-20,000 खरीदें, एवरेजिंग से फायदा।
- एंट्री: डिप पर ₹1,45,000 नीचे।टारगेट: 2026 में 20% रिटर्न, 2030 में 2-3x।
- पोर्टफोलियो: 5-10% वेटेज, डाइवर्सिफाई।
टैक्स: LTCG 12.5% (1 साल बाद), STCG 20%। डीमैट में रखें।
न्यूबी टिप: पहले म्यूच्यूअल फंड से ऑटो/टायर सेक्टर ट्राई करें, फिर डायरेक्ट स्टॉक।
तुलना: MRF vs कॉम्पिटिटर्स
| कंपनी | P/E | ROE (%) | मार्केट कैप (₹ Cr) | 1-Yr रिटर्न |
|---|---|---|---|---|
| MRF | 34 | 8-11 | 63,000 | 25% |
| अपोलो टायर्स | 28 | 15 | 35,000 | 35% |
| सिप्ला | 22 | 12 | 28,000 | 18% |
| बाल्क्रिस इंड. | 45 | 9 | 45,000 | 20% |
नोट: MRF प्रीमियम है लेकिन ग्रोथ अपोलो से कम है।
भविष्य के ट्रिगर्स
- Q3/Q4 रिजल्ट्स: प्रॉफिट 15%+ YoY हो तो ब्रेकआउट।
- बजट 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर पुश से CV डिमांड।
- EV पॉलिसी: सब्सिडी से बूस्ट।
- ग्लोबल ऑयल प्राइस: कम हो तो रॉ मटेरियल सस्ता।
निगरानी रखें: मंथली रबर प्राइस, ऑटो सेल्स डेटा।
निष्कर्ष: निवेश करें या नहीं?
MRF सॉलिड कंपनी है, ब्रांड स्ट्रॉन्ग। 2026 टारगेट ₹1,70,000-1,85,000 रियल लगता। लॉन्ग टर्म (5+ साल) के लिए ठीक, लेकिन हाई वैल्यूएशन से सस्ते में एंटर करें। रिस्क ले सकते हैं तो 10-20% अपसाइड पॉसिबल। न्यूबीज होल्ड करें, एक्सपर्ट्स डिप खरीदें।
Disclaimer ( स्वीकरण)
हमेशा रिसर्च करें, एडवाइजर से बात। बाजार जोखिम भरा है! यह जानकारी पब्लिक सोर्स से। निवेश सलाह नहीं।
